कल्पना कीजिए कि आप ऐसी जगह पर हों जहां चहुंओर उजाला ही दिखे और दिन
व रात में अंतर करना आपके के लिए मुश्किल हो जाए तो समझ लीजिए की आप भगवान शंकर की
नगरी काशी में हैं । साथ ही गंगा तट पर उतरे देवलोक की छवि कैसी
होती होगी। हमारी कल्पना से भी सुंदर । देव दीपावली देखने के लिए देश ही
नहीं विदेशों से भी पर्यटक काशी पहुंचते हैं । पर्यटक यहां की रीति रिवाजों को उम्र
भर के लिए कैद कर लेना चाहते हैं । उल्लेखनीय है कि दिवाली के 15 दिन
बाद कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली के दिन गंगा के घंटों को सजाया जाता है ।
काशी में गंगा के घाटों पर दीपों का अद़भुत जगमग प्रकाश देवलोक का निर्माण कर देता
है ।
यह उत्सव काशी की मुख्य पहचान बन गया है ।
