बुधवार, 22 जुलाई 2020

पत्नी जैसा कौन प्यार करता है

उम्रभर कौन साथ रहता है
पत्नी जैसा कौन प्यार करता है
वो खुश होती है तो आंखों से आंसू बहते हैं
गम में हो तो आंसुओं को मुस्कान बना लेती है
पत्नी जैसा प्यार कौन करता है
मेरे गुस्से को अपनी अठखेलियों से छूमंतर कर देती
और जब गुस्से में हो तो चुप सी रहती
पत्नी जैसा प्यार कौन करता है
मैं तो थोड़े काम में थक जाता हूँ
पर वो घर का सारा काम करके नहीं थकती
पत्नी जैसा प्यार कौन करता है
गुस्से में बिन खाये जब घर से जाऊं
मेरे आने तक भूखी रहती
पर पगली घर आने पर मुझसे कहती
खाना खाया आपने
जब उससे पूछते हम
तो मुस्कुराकर कहती हां खाया हमने
उम्रभर कौन साथ रहता है
पत्नी जैसा कौन प्यार करता है


बुधवार, 1 अप्रैल 2020

मुझसे मिलने आना तो रंजिश छोडकर आना मेरे दोस्त

मुझसे मिलने आना तो रंजिश छोडकर आना मेरे दोस्त
अगर दिल गवाही न दे तो कतई न आना
बस याद कर लेना शाम की वो घडी कि हम दोनों साथ हैं
हम दोनों की गलतफहमी ने दिल की दूरी दी बढा दी है
दोनों इस बात से तकल्लुम करते हैं
कि एक के बिना दूसरा कुछ नहीं है
अब हम जब जा रहे हैं इस दुनिया से दोस्त
तो यादों को दिल से डिलीट कर देना
पता हम दोनों के लिए को यह आसान नहीं है
पर दोनों को जीने के लिए यह आसान कर देगा
हां, अब जब हम दोबारा से मिलेंगे तो एक मुक्तसर जिंदगी जीएंगे
उन्हीं को एक अहसास की तरह समेट लेंगे
आना हो तो आना जरूर
हम मिलेंगे वहीं पर जहां पहली दफा मिले

नोट : #तकल्लुम मतलब #बातचीत
#मुक्त्सर मतलब #संक्षेप, #छोटा

शनिवार, 28 मार्च 2020

लौटेंगे हम भी अपने गाँव को


लौटेंगे हम भी अपने गाँव को
अभी शहर का गुरूर देखना है
कभी गुजारी थी गाँव में अल्हड़ वाली ज़िन्दगी
अब हर एक शहर में हम बस किरायेदार हैं
है यहाँ की बहुत रंगीनी दुनिया
पर रंगीनियों पर हर दर्द भारी है
शहर को गाँव से बेहतर समझ के दूर हुए
शहरों की दौलत पर रिश्तों की डोर भारी है

शुक्रवार, 20 मार्च 2020

झूठ को आओ बरगलाया जाए

झूठ को आओ बरगलाया जाए 
गम को भुलाकर मुस्‍कुराया जाए 
हम और तुम में कितने दिन जीयेंगे 
आओ हंसकर ये वक्‍त गुजारा जाए

सोमवार, 24 फ़रवरी 2020

कपोल भीग जाते हैं

कपोल भीग जाते हैं
पर आँख तर नहीं होती
जीने को दौड़ता हूँ
पर दौड़ नहीं होती
सिसकियाँ लेकर सो जाता हूँ
सिसकियों में विवेक नहीं होती

शुक्रवार, 29 नवंबर 2019

प्रेम करिये मोल भाव नहीं

#प्रेम को लोग दो जिस्मों से जोड़ते हैं, जबकि वो तो एक है। #शरीर, #रूप, #रंग #पैसे, #पद, #प्रतिष्ठा और बहुत सारे हैं पर प्रेम जी कर देखें। प्रेम तो आनंद जो अनन्त है और जब #आपको प्रेम होगा तो #खुद ब खुद अंदर से एक #अनुभूति होगी, जो आपको हर पल #महसूस होगी। बस प्रेम करिये #मोल #भाल न करिये। प्रेम होगा तो प्रेम ही होगा।
बोलो #राधे राधे